
समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ:
देशभर में सनसनी फैलाने वाले नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच अब विदर्भ तक पहुंच गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की दिल्ली स्थित विशेष टीम ने मंगलवार को नागपुर और चंद्रपुर में तीन उम्मीदवारों के घरों पर छापेमारी की। नागपुर CBI टीम ने भी इस कार्रवाई में सहयोग किया। CBI की इस कार्रवाई के बाद विदर्भ के शैक्षणिक जगत में हड़कंप मच गया है।
किसके घर पड़े छापे?
सूत्रों के मुताबिक, जिन तीन छात्रों के घर छापे मारे गए, उनमें दो छात्राएं नागपुर की हैं और एक छात्र चंद्रपुर जिले के ब्रम्हपुरी का रहने वाला है। CBI टीमों ने इन छात्रों के घरों और मोबाइल फोन की गहन जांच की।
CBI ने छात्रों के घर से लैपटॉप, मोबाइल फोन, दस्तावेज और ऑनलाइन लेन-देन की जानकारी खंगाली। जांच टीम ने छात्रों, उनके माता-पिता और कुछ परिचितों से भी पूछताछ की। नीट परीक्षा के दौरान संदिग्ध संपर्क, आर्थिक लेन-देन और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े डिजिटल सबूत जुटाने के लिए यह कार्रवाई की गई।
लातूर में बाल रोग विशेषज्ञ से 4 घंटे पूछताछ
इसी मामले में लातूर में भी CBI सक्रिय है। पी.वी. कुलकर्णी के संपर्क में रहे एक बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर से CBI की टीम शाम 5 बजे से पूछताछ कर रही थी। रात 8:45 बजे तक पूछताछ जारी थी।
जिन लोगों के पास पेपर पहुंचने का संदेह है और जिनके खिलाफ CBI को शिकायतें मिली हैं, उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि पेपर लीक रैकेट से जुड़े दलाल, कोचिंग नेटवर्क या आर्थिक लेन-देन का कोई संबंध है या नहीं।
अभी कोई गिरफ्तारी नहीं
CBI ने अभी तक किसी को हिरासत में नहीं लिया है। आगे की पूछताछ के लिए किसी को गिरफ्तार करना है या नहीं, इसका फैसला दिल्ली की टीम करेगी।
विदर्भ में CBI की छापेमारी से साफ है कि नीट पेपर लीक का जाल कई राज्यों तक फैला है। जांच एजेंसी अब डिजिटल फुटप्रिंट और मनी ट्रेल के जरिए पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने में जुटी है।










